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PYS TEST – 8

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PATANJAL YOG SUTRA QUIZ

  1. The aim of Vedamrita is to make the students of Yoga subject perfect for the preparation of NET-JRF and other competitive examinations ....

1 / 100

सिद्धि प्राप्तियों में शरीर इन्द्रियों व चित्त का एक प्रकार से दूसरे में बदलना कहलाता है?

2 / 100

कर्म संस्कार में भेद कब नही रहता है?

3 / 100

कैवल्य पाद में कितनी सिद्धियों का उल्लेख है?

4 / 100

अविधा के मिटने पर जो "हान" होता है; वह कहलाता है?

5 / 100

मैं और मेरे का भाव कौन सा क्लेश दर्शाता है?

6 / 100

किस गुण की प्रबलता के समय में देह त्याग होने पर मनुष्य योनि की ही प्राप्ति होती है?

 

 

7 / 100

ईश्वर का सजातीय तत्व क्या है?

8 / 100

पातंजल योगसूत्र है?

9 / 100

गुण परिणाम के क्रम की समाप्ति है?

10 / 100

योगसूत्र किसके लिए उपयुक्त बताई गई है?

11 / 100

पतंजलि के अनुसार परिचित्तज्ञान होता है?

12 / 100

योगसूत्र के अनुसार  प्राणायाम मुख्यतः कितने प्रकार के है?

13 / 100

चित्त वृत्तियां किससे नष्ट होने योग्य हैं?

14 / 100

तत: क्लेकर्मनिवृत्ति: ,,,,पातंजल योग सूत्र के कौन से पाद से लिया गया है?

15 / 100

योगदर्शन के अनुसार कितने तत्व माने गए हैं?

16 / 100

योगदर्शन के अनुसार मुख्य तत्व है?

17 / 100

महर्षि पतंजलि के अनुसार अन्तराय तथा विक्षेप सहभुव को दूर करने के उपाय क्या है?

18 / 100

सत्य को ग्रहण करने वाली बुद्धि को कहा जाता है ?

19 / 100

पतंजलि के अनुसार "हेय" का "हेतु" है?

20 / 100

चित्त का मूल स्वरूप कैसा है?

21 / 100

अध्यात्म प्रसाद किसका परिणाम है?

22 / 100

असंप्रज्ञात समाधि के भेद कौन से है?

23 / 100

पतंजलि के अनुसार हेय है?

24 / 100

महर्षि पतंजलि के अनुसार किस योग का फल समाधि सिद्धि के लिए बताया गया है?

25 / 100

संप्रज्ञात समाधि के कितने भेद है?

26 / 100

हेतू, फल, आश्रय और आलम्बन के द्वारा क्या संग्रहित होते हैं?

27 / 100

अपर वैराग्य की स्थिति कौनसी है?

28 / 100

चित्तशक्ति का अपने स्वरूप में प्रतिष्ठित हो जाना है?

29 / 100

ग्रहीता, ग्रहण एवं ग्राहय में स्थित चित्त का उनके आकार को ग्रहण कर लेना है?

30 / 100

'ते व्यक्तसूक्ष्मा गुणात्मान:'।। सूत्र में ते से क्या अभिप्राय है?

31 / 100

पतंजलि के अनुसार शरीर संस्थान का ज्ञान निम्न पर संयम करने से होता है?

32 / 100

पतञ्जलि के अनुसार चन्द्रमा पर संयम करने से निम्न का ज्ञान होता है?

33 / 100

निम्न में से अष्ट सिद्धियां है?

34 / 100

पातंजलयोगसूत्र के निम्न पाद में ईश्वर की मुख्य विशेषताएँ बताई गई हैं?

35 / 100

पतंजलि के अनुसार पुरूष का कैवल्य है?

36 / 100

पतंजलि के अनुसार निम्न प्राण पर संयम से योगी तेजोमय हो जाता है?

37 / 100

विवेकख्याति में भी वीतराग योगी को सर्वथा विवेकख्याति होने की स्थिति होती है?

38 / 100

विवेक ज्ञान में वैराग्य से कौनसी समाधि की प्राप्ति बतलायी गयी है?

39 / 100

पतंजलि के अनुसार मृत्यु का ज्ञान निम्न से होता है?

40 / 100

पातञ्जल योगसूत्र के अनुसार कृत, कारिता और अनुमोदिता किसके प्रकार हैं?

41 / 100

पतंजलि के अनुसार वस्तु एक ज्ञान के अधीनरूप -

42 / 100

धर्ममेध समाधि उदित होने से चित्त के सत्व आदि त्रिगुण के परिणाम के क्रम की होती है?

43 / 100

योगसूत्र के अनुसार क्लेश कितने है?

44 / 100

क्लिष्ट वृत्तियों की अवस्था होती हैं?

45 / 100

पतंजलि योग सूत्र में किस प्रकार के कर्म का वर्णन नहीं है? 

46 / 100

पतंजलि के अनुसार कण्ठकूप पर ध्यान से मिट जाती है?

47 / 100

पतंजलि के अनुसार शरीर संस्थान का ज्ञान निम्न पर संयम करने से होता है?

48 / 100

सम्पूर्ण निरोध से सिद्ध होती है?

49 / 100

किस भूमि में चित्त तमोगुण प्रधान होता है?

50 / 100

जब कोई क्लेश अपनी सम्पूर्ण अवस्था में उभरकर चित्त पर छा जाता है।  तब यह अवस्था होती है?

51 / 100

पापात्मा के प्रति योग साधक को भाव रखना चाहिए?

52 / 100

पतंजलि के अनुसार किसमे संयम करने से स्थिरता होती है?

53 / 100

चित्त विक्षेप के प्रकार है?

54 / 100

पतंजलि के अनुसार चितवृत्तियों का निरोध का उपाय है ?

55 / 100

पतञ्जलि के अनुसार प्रकाश पर पड़ा हुआ पर्दा क्षीण किससे होता है?

56 / 100

गीताप्रेस से प्रकाशित पातंजल योगदर्शन के टीकाकार कौन है?

57 / 100

ऐसा नियम जो क्रिया योग का अंग हो?

58 / 100

पतंजलि के अनुसार सर्वज्ञता का बीज अपनी पराकाष्ठा को निम्न में प्राप्त होता है?

59 / 100

विवेकख्याति के उपरान्त भी जीवित रहने की स्थिति है?

60 / 100

योग के प्रमुख ग्रन्थ योगसूत्र के रचयिता कौन है?

61 / 100

पतंजलि के अनुसार विषय मे ज्ञान की एकतानता को कहा जाता है?

62 / 100

असम्प्रज्ञात समाधि की सिद्धि निम्न साधकों को शीघ्र होती है?

63 / 100

कैवल्य पाद में किसके रूप का विश्लेषण किया गया है?

64 / 100

पातंजल योगसूत्र समाधि पाद के निम्न सूत्रों में ईश्वर की मुख्य विशेषताएँ विवेचित हैं?

65 / 100

पतंजलि के अनुसार योगियों के अतिरिक्त अन्य लोगो के कर्म होते हैं?

66 / 100

पतंजलि के अनुसार सूर्य में किये गए संयम से निम्न का ज्ञान होता है?

67 / 100

जाति, देश,काल, समयावच्छिन्न महाव्रत है?

68 / 100

पतंजलि के अनुसार निम्न में संयम करने से चित्त का साक्षात्कार होता है?

69 / 100

चित्त की पांच भूमियों का वर्णन ....किया है।

70 / 100

 निम्नलिखित में से कौनसा चित्त का घटक नहीं है?

71 / 100

सम्प्रज्ञात समाधि के कितने भेद है?

72 / 100

निष्काम कर्म होते हैं?

73 / 100

पातंजल योगसूत्र में कैवल्य पाद में सूत्रों की संख्या है?

74 / 100

योगी के लिए सभी फल हैं?

75 / 100

"मैत्रयादिषु बलानी" सूत्र का सम्बंध है?

76 / 100

क्रियाफलाश्रय किसका फल है?

77 / 100

पतंजलि के अनुसार महाविदेहा से क्षय होता है?

78 / 100

तत प्रत्येकतानता ध्यानम योग दर्शन के किस पाद से लिया गया है?

79 / 100

ईश्वर के निमित्त प्रणव का जप करना चाहिए?

80 / 100

असम्पज्ञात समाधि निम्न के उपरांत फ़लीभूत होती है?

81 / 100

कैवल्य की अवस्था कैसी होती है?

82 / 100

योग शब्द की उत्पत्ति किस धातु से हुई है?

83 / 100

पतंजलि के अनुसार परिचित ज्ञान निम्न में से किस की चित पर संयम से संबधित है?

84 / 100

चिते का अर्थ क्या है?

85 / 100

ज्ञेय वस्तु से भिन्न रूप में प्रतिष्ठित मिथ्याज्ञान होता है?

86 / 100

अष्टांग योग में सर्वाधिक महत्वपूर्ण अंग है?

87 / 100

किसका आभाव वासनाओं के अभाव से संबंधित है?

88 / 100

कष्टों को प्रसन्नता सहन करते हुये लक्ष्य प्राप्त करना कौन सी साधना है?

89 / 100

पतंजलि के अनुसार प्रतिभ ज्ञान से जान लिया जाता है?

90 / 100

पतंजलि के अनुसार किसमे संयम करने से स्थिरता होती है?

91 / 100

जब कोई क्लेश किसी दूसरे क्लेश की चरमावस्था में पहुंचने से दब जाता है। तब यह अवस्था कहलाती है?

92 / 100

विभिन्न प्रकार की प्रवृत्तियों में अनेकों चित्तो को नियुक्त करने वाला कौन होता है?

93 / 100

महर्षि पतंजलि ने कर्म के भेद बतलाए है?

94 / 100

पतंजलि के अनुसार " महाविदेहा" है?

95 / 100

योग को किस पद द्वारा सबसे सटीक ढंग से परिभाषित किया जा सकता है?

96 / 100

पतञ्जलि के अनुसार क्षण एवं उसके क्रम में किये गए संयम से फ़लीभूत होता है?

97 / 100

चित्त सक्रिय कब होता है ?

98 / 100

अपने कारणरूप में सदैव एक समान रहने वाला?

99 / 100

पतंजलि के अनुसार नेत्र के प्रकाश से संयोग न होने पर निम्न सिद्ध होता है?

100 / 100

साधक के कितने प्रकार बताए है?

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