Bhagwat Geeta – 8

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Bhagwat Geeta - 8

The aim of Vedamrita is to make the students of Yoga subject perfect for the preparation of NET-JRF and other competitive examinations ....

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अन्त:करण वाला साधक अपनी इंद्रियों को वश में जब कर लेता है तो कैसा अनुभव होता है?

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सांख्य योगियों की निष्ठा किसके लिए बताई गई है?

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कौन व्यक्ति कर्मेंद्रियो को वश में करने का प्रयत्न करता है?

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यज्ञ को कैसा कर्म बताया गया है?

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मूढता से क्या भ्रम हो जाता है?

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दूसरी निष्ठा भक्ति भाव वाले योगियों को क्या कहा गया है?

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गीता में किन व्यक्तियों का अनुसरण करने के लिए बताया गया है?

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भगवत गीता में देहि किसे कहा गया है?

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दुख की प्राप्ति होने पर जिसका मन विचलित नहीं होता सुखों की प्राप्ति में जो सर्वथा एक समान रहता है जो राग भय ,क्रोध जिसके नष्ट हो गए हैं वह कैसा व्यक्ति बताया गया है?

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सर्वव्यापी सच्चिदानंद परमात्मा में एक ही भाव में स्थित रहने वाले का क्या नाम कहलाता है?

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संपूर्ण कामनाओं को त्यागने वाला तथा आत्मा से आत्मा में ही संतुष्ट रहने वाला कैसा व्यक्ति कहलाता है?

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कौन से कर्मों के अतिरिक्त मनुष्य दूसरे कर्मों में लगा हुआ बंधनों में बंधता है?

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स्मृति में भ्रम हो जाने से इसका नाश हो जाता है?

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मनुष्य को क्या करना उचित बताया गया हैं?

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संपूर्ण कर्म किसके द्वारा कराए जाते हैं?

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गीता के अनुसार बुद्धि का नाश हो जाने से उसकी स्थिति क्या होती है?

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गीता के दूसरे अध्याय में कितने प्रकार की निष्ठा बताई गई है?

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क्रोध से क्या उत्पन्न हो जाता है?

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गीता में देह किसे कहा गया है?

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कौन सा राजा आसक्ति से रहित कर्म कर परम सिद्धि को प्राप्त हुआ था?

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